बाल ठाकरे: भारतीय फासीवाद का प्रतीक पुरुष
बाल ठाकरे और शिव सेना शुरू से ही अपने आपको ‘मराठी मानुस’ का रहनुमा कहते आये हैं। परन्तु ग़ौर करने वाली बात यह है कि उनके ‘मराठी मानुस’ से उनका तात्पर्य उच्च जाति वाले मराठी पुरुषों से होता है। महाराष्ट्र की दलित आबादी राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग पाँचवाँ भाग है जो इस दायरे से बिल्कुल बाहर है। 1974 में बनी दलितों की जुझारू पार्टी दलित पैंथर्स पर शिवसेना के गुण्डों ने कई हमले किये क्योंकि उसके सदस्य खुले रूप में हिन्दू धर्म के प्रतिक्रियावादी और दकियानूसी विचारों का विरोध करते थे। दलित पैंथर के एक नेता भगवत जाधव की हत्या शिव सेना के गुण्डों ने ही की थी।














