जनवरी मार्च 2008

cover page_2008_ 01-03

जनवरी मार्च 2008 का पूरा अंक डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें
अलग-अलग लेख पढने के लिए लेख के शीर्षक पर क्लिक करें

पाठक मंच

अपनी ओर से

छात्र-युवा आन्दोलन: अप्रोच और दृष्टिकोण के बारे में कुछ और स्पष्टीकरण

शिक्षा जगत

कैम्पस के अन्दर भावी पुलिसकर्मियों का ताण्डव / कुणाल

सामयिकी

रामसेतु: किसके हेतु?? / शिवार्थ

संसदीय वामपंथियों का अमेरिका-प्रेम! / शिवानी

रिलायंस द्वारा आन्ध्र प्रदेश में पर्यावरण की घातक तबाही / लता

राजस्थान और मध्य प्रदेश:‘हिन्दुत्व’ की नयी प्रयोगशालाएँ / कविता

राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारण्टी योजना – एक विशालकाय सरकारी धोखे का सच! / शिवानी

समाज

बाढ़: प्राकृतिक या पूँजीवादी? / आशा

सूचना प्रौद्योगिकी सेक्टर में रोज़गार के अवसर: किसके लिए? / श्‍वेता

प्रेम, परम्परा और विद्रोह (दूसरी किश्त) / कात्‍यायनी

विश्‍व पटल पर

अमेरिकी सबप्राइम संकट: गहराते साम्राज्यवादी संकट की नयी अभिव्यक्ति / अभिनव

अमेरिका के जनतंत्र-प्रेम की हक़ीक़त / कुणाल

विशेष लेख

हिन्दी साहित्य में कहाँ है आज के मज़दूरों का जीवन? / कात्‍यायनी

स्‍मृति शेष

मानव-संघर्ष और प्रकृति के सौन्दर्य के शब्दशिल्पी त्रिलोचन सदा हमारे बीच रहेंगे!

साहित्‍य

पाकिस्तानी शायर अफ़जाल अहमद की कविताएँ

कविता : शिनाख्त / शशिप्रकाश

गतिविधि बुलेटिन

स्मृति संकल्प यात्रा के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम जारी

दिल्ली में ब्लू लाइन बसों के कहर के ख़िलाफ़ नौजवान भारत सभा और दिशा छात्र संगठन का पर्चा वितरण

दिल्ली राज्य सरकार के तहत आने वाले अस्पतालों में कर्मचारियों के आन्दोलन में दिशा छात्र संगठन की भागीदारी

गुजरात के हत्यारों के पर्दाफ़ाश के बाद नौजवान भारत सभा और दिशा छात्र संगठन का वर्ग एकजुटता अभियान

सकर्मक विमर्श

मीडिया ने फ़ूलाया नौकरियां बढ़ने का गुब्बारा। नौजवानों के साथ एक मज़ाक! / योगेश

संघ परिवार शाखाओं में बूढ़ो के बचे रह जाने पर चिन्तित! / प्रसेन

कैसी खुशियाँ आज़ादी का कैसा शोर, राज कर रहे कफ़नखसोट-मुर्दाखोर! / श्‍वेता

विविध

भगतसिंह ने कहा