जनवरी मार्च 2004

अपनी ओर से
उम्मीद महज एक भावना नहीं है!
सामयिकी
विश्व सामाजिक मंच: भूमण्डलीकरण के छद्म विरोध का नया प्रपंच / गौरव
बर्बरों को नहीं चाहिए इतिहास / कात्यायनी
समाज
बाबा की लीला / अभिनव
शिक्षा
उच्च शिक्षा का बाज़ार-फार्मूला / अंशुल
विश्व पटल पर
साम्राज्यवाद के रथ का चक्का अरब के रेगिस्तानों में फँसा / शिशिर
स्मृति शेष
पिछड़े समाजों के प्रतिबद्ध अध्येता हमज़ा अलवी / अभिनव
टेढ़ी आंखें तिरछी नजर
फठक चंद गिरधारी की टिप्पणियां 1. भाईजी, वामपंथ और राष्ट्रहित का पाला 2. भारतीय संस्कृति के गौरव की पुर्नस्थापना विषयक कुछ स्फुट विचार
विरासत
निकोलाई ओस्त्रोव्स्की / से. त्रेगुब
मेरे सपने / निकोलाई ओस्त्रोव्स्की
साहित्य
कविता : इच्छाधारी लोग / श्रीरंग
कविता : अगर तुम युवा हो / शशिप्रकाश
उद्धरण
नयी कलम
कविता कृष्णपल्लवी की कविताएं
सकर्मक विमर्श
1. उत्तरप्रदेश में छात्रसंघ का लॉलीपॉप / शालिनी, इलाहाबाद 2. यह देश है जागीर जिनके बाप की, शिक्षा भी है उन्हीं की, न हमारी न आपकी / गीतिका, इलाहाबाद 3. संघ परिवार की असली मंशा को समझना होगा / अरूण मौर्य, इलाहाबाद 4. बन्दर के हाथ में उस्तरा / नमिता, इलाहाबाद 5. हत्या या आत्महत्या / अमित शर्मा, दिल्ली 6. इस हिमखण्ड को तोड़ना होगा / कपिल स्वामी, दिल्ली
गतिविधि बुलेटिन
1. नववर्ष की पूर्वसंध्या पर करावलनगर में सांस्कृतिक कार्यक्रम 2. हरियाणा और उत्तरप्रदेश में व्यापक पैमाने पर लोक स्वराज्य अभियान 3. दिल्ली विश्वविद्यालय में दिशा छात्र संगठन द्वारा व्याख्यान का आयोजन
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