उद्धरण

Herzen_ge

‘‘पुस्तक एक पीढ़ी की अपने बाद आने वाली पीढ़ी के लिए आत्मिक वसीयत होती है, मृत्यु के कगार पर खड़े वृद्ध की जीवन में पहले डग भर रहे नवयुवक के लिए सलाह होती है, ड्यूटी पूरी करके जा रहे सन्तरी का ड्यटी पर आ रहे सन्तरी को आदेश होती है ……- पुस्तक भविष्य का कार्यक्रम होती है।”

हर्जेन

 Abraham-Lincoln

दुनिया को कभी भी आज़ादी शब्द की एक अच्छी परिभाषा नहीं मिली है, अमेरिका की जनता को अब इसकी आवश्यकता है। हम सब आज़ादी की बात करते हैं लेकिन इस शब्द का प्रयोग करते हुए हमारा मतलब एक नहीं होता। कुछ लोगों के लिए आज़ादी का मतलब यह होता है कि वह अपने साथ और अपने श्रम के फल के साथ, जैसा वह चाहें वैसा कर सकें और बाकी लोगों के लिए आज़ादी का मतलब यह होता है कि वह दूसरों के साथ और दूसरों के श्रम के फलों के साथ जो चाहें वो कर सकें। हमारे पास यहाँ न सिर्फ दो अलग-अलग बल्कि पूर्णतः विसंगत चीज़े उपलब्ध हैं, जिनको एक ही नाम से बुलाया जाता है आज़ादी और, इन दोनों चीज़ों को, इन के दल, न सिर्फ दो अलग-अलग बल्कि पूर्णतः विंसगत नामों से बुलाते हैः आज़ादी और तानाशाही।

अब्राहम लिंकन

मुक्तिकामी छात्रों-युवाओं का आह्वान,नवम्‍बर-दिसम्‍बर 2010