हक़ीकत
रॉक डाल्टन
चार घण्टों तक यातना देने के बाद
अपाचे तथा दो अन्य पुलिसवालों ने
क़ैदी को होश में लाने के लिये
उस पर बाल्टी भर पानी फेंकते हुए कहा:
“कर्नल ने तुम्हें यह बताने का हमें हुक्म दिया है
कि तुम्हें अपनी खाल बचाने का एक मौका दिया जा सकता है।
अगर बता सको तुम कि हममें से किसकी आँख शीशे की है, तो तुम यातना से बच जाओगे। ”
ग़ौर से उन अधिकारियों को देखते हुए क़़ैदी ने एक की तरफ इशारा किया:
“उसकी, उसकी दायीं आँख शीशे की है।”
और हक्के-बक्के पुलिसियों ने कहा: “तुम बच गये! पर कैसे किया तुमने यह?
जबकि तुम्हारे सभी दोस्त चूक गये
क्योंकि ये आँखें अमेरिकी हैं, और इसलिये सर्वोत्कृष्ट भी हैं।”
“बहुत आसान है”, क़ैदी ने कहा
उसे महसूस हो रहा था कि वह फिर से बेहोश होने वाला है, “एक यही आँख थी, मेरी तरफ देखते समय जिसमें नफ़रत नहीं थी।”
बेशक, उन्होंने उसे यातना देना जारी रखा।
(साथी राजेश चन्द्र द्वारा अनुवादित, उनकी फेसबुक वाल पोस्ट से साभार )
मुक्तिकामी छात्रों-युवाओं का आह्वान,मई-जून 2018






