दिल्ली विश्वविद्यालय में 2014-15 के अकादमिक सत्र से सीबीसीएस लागू होने के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन

दिल्ली संवाददाता

दिल्ली विश्वविद्यालय में इस साल के अकादमिक सत्र से सभी कॉलेजो में सीबीसीएस यानी ‘चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम’ (सीबीसीएस) को लागू कर दिया गया है। सीबीसीएस शिक्षण प्रणाली अमेरिका के ज़्यादातर कॉलेजों व विदेशी विश्वविद्यालयों में मौजूद है। इसी तर्ज़ पर सीबीसीएस व सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी बिल को लाया जा रहा है ताकि बाहर की यूनिवर्सिटी यहाँ आकर अपना धंधा चला सकें। इसके अंतर्गत किया यह जा रहा है की सभी कॉलेजों को समान संस्तर पर लाने का जुमला उछाल कर उनका पूरा स्तर गिराया जायेगा ताकि विदेशी प्राइवेट विश्वविद्यालयों का धंधा चल सके। यह फैसला भी प्रशासन ने छात्रों-शिक्षकों से बिना सलाह मशविरा लिए लागू कर दिया। शिक्षा को पूरी तरह एक बिकाऊ माल में तब्दील करने की कोशिश की जा रही है और आम मेहनतकश जनता की पहुँच से शिक्षा को दूर ले जाया जा रहा है। इन्हीं छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ दिशा छात्र संगठन अन्य शिक्षक व छात्र संगठनो के साथ एक संयुक्त मोर्चे के तहत संघर्षरत है। जहाँ लगातार इन छात्र-विरोधी नीतियों के खिलाफ़ आवाज़ उठायी जा रही है जिसमें 4 जून को अभी यूजीसी पर विरोध प्रदर्शन किया गया जहाँ यह माँग की गई कि सीबीसीएस को वापस लिया जाये। 9 जून को जन्तर-मन्तर पर विरोध प्रदर्शन किया गया- उसके साथ ही छात्रों व आम नागरिकों के बीच इसके ख़िलाफ प्रचार अभियान चलाया गया व हस्ताक्षर जुटाया गया। एक अभियान की शक्ल में 5 से 25 जून तक विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद नवागंतुक छात्रों के बीच इन छात्र-विरोधी नीतियों का पर्दाफाश किया गया। अभी भी लगातार प्रदर्शनों व प्रचार अभियानों के ज़रिये इसके ख़िलाफ तमाम छात्र व शिक्षक संगठन संघर्षरत हैं। दिशा छात्र संगठन भी इन संघर्षो में सक्रिय भागीदार है।

मुक्तिकामी छात्रों-युवाओं का आह्वान, मई-अक्‍टूबर 2015

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