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दिल्ली राज्य सरकार के तहत आने वाले अस्पतालों में कर्मचारियों के आन्दोलन में दिशा छात्र संगठन की भागीदारी

नवम्बर, 2007 में दिल्ली सरकार के तहत आने वाले पाँच बड़े अस्पतालों के कर्मचारियों ने ठेका प्रथा और निजीकरण के ख़िलाफ़ एक विशाल आन्दोलन किया। इस आन्दोलन में दिशा छात्र संगठन ने अपना समर्थन दिया। दिशा की ओर से अस्पताल की ग्रुप सी व डी की यूनियन को बताया गया कि निजीकरण और ठेकाकरण के ख़िलाफ़ हर लड़ाई में दिशा छात्र संगठन अपनी भरपूर ताक़त के साथ शिरकत करेगा। इस आन्दोलन के लिए व्यापक जनता के बीच समर्थन जुटाने के लिए एक पर्चा निकाला जिसमें जनता को असलियत से वाकिफ़ कराया गया।

गुजरात के हत्यारों के पर्दाफ़ाश के बाद नौजवान भारत सभा और दिशा छात्र संगठन का वर्ग एकजुटता अभियान

तहलका द्वारा गुजरात नरसंहार के हत्यारों के पर्दाफ़ाश के बाद नौजवान भारत सभा और दिशा छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने एक वर्ग एकजुटता अभियान चलाया। इस अभियान के तहत एक पर्चा निकाला गया जिसे विशाल पैमाने पर मजदूर बस्तियों और निम्न मध्यमवर्गीय कालोनियों में बाँटा गया। इस पर्चे में साम्प्रदायिक फ़ासीवाद के ज़हर को नेस्तनाबूद करने के लिए आम मेहनतकश जनता का आह्वान किया गया था। इस पर्चे को दिल्ली के शिव विहार, शहीद भगतसिंह कालोनी, मुकुन्द विहार, मुस्तफ़ाबाद, अंकुर इन्क्लेव, करावलनगर, भजनपुरा, बादली, वज़ीरपुर, रोहिणी, आदि इलाकों में हज़ारों की संख्या में बाँटा गया।

1857 की 150वीं वर्षगाँठ पर नौजवान भारत सभा, दिल्ली द्वारा विभिन्न कार्यक्रम

इस 10 मई को 1857 की बग़ावत शुरू होने के 150 वर्ष पूरे हो गये। इस मौके पर एक ओर तो सरकारी यात्राएँ निकलीं जो बस राष्ट्रवाद के नाम पर जनता की वर्ग चेतना को कुन्द करने के लिए निकाली गयीं। दूसरी ओर, 1857 के विद्रोह को भी वर्ग दृष्टि से देखते हुए नौजवान भारत सभा द्वारा कार्यक्रमों, पर्चा वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 1857 की 150वीं वर्षगाँठ पर नौजवान भारत सभा ने दिल्ली के करावलनगर और बादली इलाके में व्यापक एवं सघन पर्चा वितरण किया। इस दौरान बसों में भी यात्रियों के बीच इन पर्चों का वितरण किया गया।

121वें मई दिवस पर नौजवान भारत सभा द्वारा नौजवान मज़दूरों को अपील जारी

नौजवान भारत सभा, दिल्ली के योगेश ने बताया कि मई दिवस की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ आज वापस छीनी जा रही हैं। ऐसे में यह सभी नौजवानों और मज़दूरों का फ़र्ज़ बनता है कि वे इस साज़िश के ख़िलाफ़ संघर्ष में उतरें। भगतसिंह ने कहा था कि इस देश की असली क्रान्तिकारी ताक़त मज़दूर और किसान हैं। नौजवानों को उनका नेतृत्व देने के लिए आगे आना होगा और उनके संघर्षों से जुड़ना होगा। इस मई दिवस पर नौजवान भारत सभा ने यही प्रयास किया।

स्मृति संकल्प यात्रा के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम जारी

23 मार्च, 2005 को भगत सिंह और उनके साथियों के 75 शहादत वर्ष के आरम्भ पर शुरू की गई स्मृति संकल्प यात्रा के तहत देश के विभिन्न क्रान्तिकारी संगठन पिछले दो वर्षों से भगतसिंह के उस सन्देश पर अमल कर रहे हैं जो उन्होंने जेल की कालकोठरी से नौजवानों को दिया था; कि छात्रों और नौजवानों को क्रान्ति की अलख लेकर गाँव-गाँव, कारखाना-कारखाना, शहर-शहर, गन्दी झोपड़ियों तक जाना होगा। इस अभियान के दौरान इन जनसंगठनों ने जो भी जनकार्रवाइयाँ की हम उसका एक संक्षिप्त ब्यौरा देते रहे हैं और इस बार भी यहाँ दे रहे हैं। जिन इलाकों में अभियान की टोलियों ने मुहिम चलाई उनमें उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर, नोएडा, ग़ाज़ियाबाद, हापुड़; पंजाब में जालंधर, लुधियाना, संगरूर, अम्बाला आदि जैसे शहर और साथ ही दिल्ली समेत पूरा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र भी शामिल है। इनमें से कुछ स्थानों की अभियान सम्बन्धी रिपोर्टें हम यहाँ प्रकाशित कर रहे हैं।

दिल्ली में नगर निगम चुनावों पर नौजवान भारत सभा द्वारा भण्डाफ़ोड़ अभियान और पर्चा श्रृंखला

इस बार के चुनावों के दौरान नौजवान भारत सभा ने सभी चुनावबाज़ों के बारे में किसी भी बचे-खुचे भ्रम को नोचकर फ़ेंक देने के लिए एक भण्डाफ़ोड़ अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान चौराहों, नुक्कड़ों पर सभा करके सभी चुनावबाज़ मदारियों का कच्चा-चिट्ठा खोला गया। उनके पास आने वाले फ़ण्डों से जनता को अवगत कराया गया और उनकी धाँधलियों पर से पर्दा उठाया। इसके अलावा घर-घर जाकर नौजवान भारत सभा के कार्यकर्ताओं ने लोगों को इस बात पर सहमत करने का काम किया कि अब चुनावी राजनीति के सारे छल-छद्म उजागर हो चुके हैं और अब और इन्तज़ार करने का कोई तुक नहीं बनता। आज की ज़रूरत है क्रान्तिकारी संगठनों का एक व्यापक ताना-बाना खड़ा करके एक देशव्यापी क्रान्तिकारी पार्टी का निर्माण।

भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु के 75वें शहादत वर्ष की शुरुआत पर दिल्‍ली व नोएडा में जगह-जगह कार्यक्रम, साईकिल जुलूस और नुक्कड़ सभाएँ

23 मार्च 2005 के दिन भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत के 75 वर्ष पूरे हो गए। नौजवान भारत सभा और दिशा छात्र संगठन ने इन शहीदों के सपनों का भारत बनाने के संकल्प दोहराते हुए जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम, साईकिल जुलूस और नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया। नौजवान भारत सभा ने नोएडा में 23 मार्च को एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। संसदीय लोकतंत्र की असलियत को सामने लाने वाले नाटक ‘हवाई गोले’ का मंचन किया गया। इसके अलावा कई क्रान्तिकारी गीतों की भी प्रस्तुति हुई। क्रान्तिकारी उद्धरणों और कविताओं वाले पोस्टरों की एक प्रदर्शनी भी लगाई। यहाँ ‘जनचेतना’ ने प्रगतिशील पुस्तकों की एक प्रदर्शनी भी लगाई।

नौजवान भारत सभा की पुलिस दमन–विरोधी मुहिम

‘नौजवान भारत सभा’ ने इस पुलिसिया दमन के खिलाफ़ आवाज़ उठाते हुए ‘पुलिस दमन विरोधी मुहिम’ चलाई। नौभास ने माँग की कि परमेश्वर की हिरासत में हुई मौत की उच्चस्तरीय जाँच की जाए, दोषी पुलिस कर्मियों को तत्काल निलम्बित किया जाए और उन पर हत्या का मुकदमा चलाया जाए, और परमेश्वर के मोहल्ले से गिरफ़्तार लोगों को तत्काल रिहा किया जाए। इसके ख़िलाफ़ 17 मार्च की शाम को करावलनगर में एक जनसभा की गई। पुलिस को बेनकाब करते हुए पर्चा बांटा गया। फ़िर हस्ताक्षर अभियान चलाकर करीब दो हजार हस्ताक्षर वाला माँगपत्रक 21 मार्च को पुलिस आयुक्त मुख्यमंत्री उपराज्यपाल, अध्यक्ष मानवाधिकार आयोग, को सौंपा गया।

दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रावासों में ‘विहान’ के सांस्कृतिक कार्यक्रम

‘दिशा छात्र संगठन’ की सांस्कृतिक टोली ‘विहान’ ने छात्रों के बीच फ़ैले सांस्कृतिक घटाटोप के विरुद्ध मुहिम छेड़ते हुए हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रवासों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला शुरू की। यह अभियान अगस्त में शुरू हुआ और अभी भी जारी है। इस श्रृंखला में अब तक मानसरोवर छात्रावास, जुबली छात्रावास, कोठारी छात्रावास और दौलत राम कॉलेज छात्रावास के परिसरों में कार्यक्रम हो चुके हैं।