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श्रम क़ानूनों के उल्लंघन के खिलाफ दिल्ली मेट्रो कामगार यूनियन के नेतृत्व में मेट्रो रेल ठेका कर्मचारियों के संघर्ष का नया दौर शुरू

11 जुलाई को दिल्ली मेट्रो रेल कर्मचारियों ने अपने आन्दोलन के नये दौर की शुरुआत करते हुए नई दिल्ली में जन्तर-मन्तर पर प्रदर्शन किया और मेट्रो के निदेशक ई. श्रीधरन का पुतला दहन किया। पिछले करीब ढाई वर्षों से दिल्ली मेट्रो रेल के ठेका कर्मचारियों की यूनियन ‘दिल्ली मेट्रो कामगार यूनियन’ मेट्रो रेल के कर्मचारियों को बुनियादी श्रम अधिकार भी नहीं मिलने के खिलाफ़ संघर्ष कर रही है। इस संघर्ष की शुरुआत 2008 में मेट्रो रेल स्टेशनों पर काम करने वाले सफ़ाई कर्मचारियों के आन्दोलन से हुई थी।

तीन दिवसीय क्रान्तिकारी युवा जनजागृति यात्रा

नौजवान भारत सभा, बिगुल मज़दूर दस्ता व दिशा छात्र संगठन की 13 सदस्यीय युवा टोली ने 23 मई से 26 मई तक दिल्ली से बड़ौत तक साईकिलों से क्रान्तिकारी युवा जनजागृति यात्रा निकाली। यह यात्रा 23 मई की भोर 5 बजे दिल्ली के करावलनगर क्षेत्र से शुरू हुई। पहले दिन अभियान टोली लोनी, मण्डोला, खेकड़ा और काठापाली से होते हुए बागपत पहुँची। रास्ते में तमाम गाँवों में टोली ने जनसभाएँ आयोजित की और अभियान का सन्देश जनसमुदायों तक पहुँचाया। टोली की ओर से क्रान्तिकारी लोकस्वराज्य का नारा बुलन्द करते हुए 63 वर्षों की आज़ादी की असलियत को ग़रीब किसानों, मज़दूरों और आम मेहनतकश आबादी के बीच उजागर किया गया। इस मौके पर निकाले गये पर्चे को लोगों में व्यापक तौर पर वितरित किया गया। बागपत में टोली की मुलाकात कुछ सफाई कर्मचारियों से हुई जिन्होंने टोली को अपने मुहल्ले में एक धर्मशाला में रुकवाया। बागपत तक के रास्ते में टोली का गाँवों में लोगों ने तहे-दिल से स्वागत किया और टोली के सन्देश के साथ सहमति जतायी।

दिल्ली विश्वविद्यालय में दिशा छात्र संगठन का सहायता केन्द्र

दिल्ली विश्वविद्यालय में लगातार जनवादी अधिकारों को कम करने की प्रक्रिया के इस नए कदम ने दिखा दिया कि जब भी नौजवान समाज को बदलने की दिशा में सोचना शुरू करते हैं तो शासक वर्ग अपने तमाम हथियारों पुलिस-प्रशासन, न्याय-व्यवस्था के दम पर उन्हें दबाता है। दिशा छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने बाद में कला-संकाय के अन्दर ‘मे आई हेल्प यू’ के बिल्ले लगाकर, खड़े होकर छात्रों को सहायता देना शुरू किया। सहायता व परामर्श के अलावा संगठन के कार्यकर्ताओं ने छात्रों के बीच स्वागत पुस्तिका भी वितरित की जिसमें बताया गया है कि आज भारत के विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए योग्य और सक्षम आबादी का सिर्फ 7 प्रतिशत हिस्सा कैम्पसों तक पहुँचा पाता है। बाकि 93 प्रतिशत नौजवानों बारहवीं के बाद कुछ तकनीकी शिक्षा लेकर कुशल मज़दूर बन जाते हैं, जो वह तकनीकी शिक्षा भी नहीं ले पाते वे अर्द्धकुशल या अकुशल मज़दूरों की जमात में शामिल हो जाते हैं और जो कोई भी काम पाने में असफल रहते हैं वे करोड़ों बेरोज़गारों की रिज़र्व आर्मी का हिस्सा बन जाते हैं। कई आर्थिक अनुसन्धान संस्थानों के मुताबिक इस समय देश मे 25 से 30 करोड़ लोग बेरोज़गार है जिनमें से 5 करोड़ शिक्षित बेरोज़गार है। सरकार उच्च शिक्षा को लगातार निजी हाथों में सौंपकर उसे आम घरों से आने वाले लड़के-लड़कियों की पहुँच से दूर कर रही है।

राष्ट्रीय शहरी रोज़गार गारण्टी अभियान का जन्तर-मन्तर पर विशाल प्रदर्शन

‘आह्वान’ के पिछले अंकों में हम पाठकों को दिशा छात्र संगठन, नौजवान भारत सभा, बिगुल मज़दूर दस्ता और स्त्री मुक्ति लीग द्वारा पिछले डेढ़ वर्ष से देश के विभिन्न हिस्सों में चलाए जा रहे ‘राष्ट्रीय शहरी रोज़गार गारण्टी अभियान’ के बारे में अवगत कराते रहे हैं। गत मई दिवस को इन संगठनों ने नई दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर शहरी रोज़गार गारण्टी की माँग को लेकर मज़दूरों, छात्रों और नौजवानों का एक विशाल प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से आए हुए मज़दूर, नौजवान, स्त्रियाँ और छात्र शामिल हुए। इस प्रदर्शन के दौरान हुई सभा में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए अभियान के प्रतिनिधियों ने भाषण दिये। इसके बाद भारत सरकार के प्रधानमन्त्री को अभियान के संघटक अंगों की तरफ से करीब 30 हज़ार हस्ताक्षरों वाला एक ज्ञापन सौंपा गया जिसमें एक पाँच सूत्रीय माँगपत्रक भी शामिल था।

शहीदे-आज़म भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरू के 78वें शहादत दिवस पर नौभास व दिशा का दो-दिवसीय कार्यक्रम

भगतसिंह, राजगुरू और सुखदेव के 78वें शहादत दिवस (23 मार्च, 2009) के अवसर पर नौजवान भारत सभा और दिशा छात्र संगठन ने दिल्ली के दिलशाद गार्डेन और करावलनगर इलाकों में व्यापक पैमाने पर कार्यक्रमों का आयोजन किया। 22 मार्च की शाम को जी.टी.बी. अस्पताल के कैम्पस के भीतर एक पोस्टर प्रदर्शनी, म्यूज़िक कंसर्ट और पर्चा वितरण का आयोजन किया गया। इसमें भगतसिंह और साथी क्रान्तिकारियों के जीवन पर एक विशाल पोस्टर प्रदर्शनी का अयोजन किया गया। इसके अलावा घर-घर जाकर लोगों को प्रदर्शनी देखने के लिए आमन्त्रित किया गया। लोगों की भीड़ आने पर म्यूज़िक कंसर्ट का भी आयोजन किया गया जिसमें क्रान्तिकारी गीतों की प्रस्तुति की गई।

दिशा व नौभास द्वारा दिल्‍ली में पाँच दिवसीय ‘युवा रचनात्मकता शिविर’ का आयोजन

शिविर के दौरान छात्रों-नौजवानों ने पढ़ाई, विचार–विमर्श, खेलकूद, कविता लेखन प्रतियोगिता, गीत-संगीत, मिमिक्री, व्याख्यान जैसी गतिविधियों में हिस्सा लिया। प्रत्येक दिन सत्र की शुरुआत किसी विषय पर किसी युवा साथी द्वारा व्याख्यान के साथ होती थी। इन पाँच दिनों के दौरान, ‘क्रान्ति क्यों करें?’, ‘ब्रम्हाण्ड की उत्पत्ति’, ‘भारत में क्रान्तिकारी आन्दोलन का इतिहास’, ‘फ़ासीवाद क्या है और उससे कैसे लड़ें?’ जैसे विषयों पर वक्तव्य हुए। इसके अतिरिक्त, भारतीय समाज में ‘प्रेम, परम्परा और विद्रोह’, ‘भारत में बेरोज़गारी’ आदि जैसे विषयों पर विचार–विमर्श चक्र का आयोजन किया गया। शाम के समय सभी नौजवान क्रिकेट, वॉलीबॉल, कबड्डी आदि जैसे शारीरिक खेलों या फ़िर डम्ब शराड, अन्ताक्षरी, पर्ची का रहस्य आदि जैसी मनोरंजक गतिविधियों में शिरकत करते थे। हर रात को सामाजिक आन्दोलनों से जुड़ी किसी फ़िल्म का शो होता था। इन पाँच दिनों के दौरान ‘उमर मुख़्तारः दि लायन ऑफ़ डेज़र्ट’, ‘दि ग्रेट डिक्टेटर’, ‘टेन डेज़ दैट शुक द वर्ल्ड’, ‘अक्टूबर’ जैसी फ़िल्मों को दिखलाया गया।

दिल्ली विश्वविद्यालय में नए सत्र की शुरुआत पर दिशा का 15–दिवसीय सहायता डेस्क

दिल्ली विश्वविद्यालय के नये सत्र में दाखिले की शुरुआत के साथ ही अपनी परम्परा का निर्वाह करते हुए दिशा छात्र संगठन की दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई ने कैम्पस के नवागंतुकों के लिए सहायता डेस्क का आयोजन किया। दिशा पिछले तीन वर्षों से यह सहायता डेस्क लगा रहा है और उसका सहायता डेस्क सबसे विशाल और लोकप्रिय माना जाता है। इस सहायता डेस्क पर पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन होता है और यह एक सांस्कृतिक केन्द्र के समान होता है। आर्ट्स फ़ैकल्टी, नॉर्थ कैम्पस में 1 जून से 15 जून तक यह सहायता डेस्क लगा रहा। इसमें हज़ारों की संख्या में छात्र मदद के लिए आए और दिशा के वालंटियरों ने फ़ॉर्म भरने सम्बन्धी दिक्कतों और दाखिले सम्बन्धी भ्रमों और नाजानकारियों को कुशलता के साथ दूर किया और छात्रों की मदद की। इसके साथ ही दिशा ने छात्रों को एक सहायता नम्बर भी दिया जिस पर फ़ोन करके दाखिले सम्बन्धी सभी जानकारियाँ प्राप्त की जा सकती थीं।

स्त्री मुक्ति लीग द्वारा स्त्री दिवस पर दिल्‍ली में जनसभा का आयोजन

स्त्री मुक्ति लीग ने दिल्ली के दिलशाद गार्डन इलाके में अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के शताब्दी वर्ष की शुरुआत के उपलक्ष्य में एक जनसभा का आयोजन किया। यह जनसभा जी.टी.बी. अस्पताल के रिहायशी परिसर के भीतर आयोजित की गई। इसमें एक स्त्री मुक्ति के प्रश्न पर एक पोस्टर प्रदर्शनी, पुस्तक प्रदर्शनी और गीत संध्या का आयोजन किया गया।

दिल्ली में चुनावी भण्डाफ़ोड़ अभियान

दिल्ली सहित पाँच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों की नौटंकी और जनता के साथ होते इस धोखाधड़ी के खेल का पर्दाफाश करते हुए ‘बिगुल मज़दूर दस्ता’, ‘नौजवान भारत सभा’ और ‘दिशा छात्र संगठन’ ने मिलकर ‘चुनाव भण्डाफोड़ अभियान’ 21 नवम्बर से 28 नवम्बर तक दिल्ली के कई इलाकों में सघन रूप से चलाया। करावलनगर से शुरू हुए इस अभियान में 58 वर्षों से चल रहें धनतंत्र के इस खेल की असलियत उजागर करता एक पर्चा ‘किसे चुनें? सांपनाथ, नागनाथ या बिच्छूप्रसाद को?’ पूरे इलाके में नुक्कड़ सभाएँ करते हुए बाँटा गया।

दिल्ली में ब्लू लाइन बसों के कहर के ख़िलाफ़ नौजवान भारत सभा और दिशा छात्र संगठन का पर्चा वितरण

दिल्ली में पिछले लम्बे समय से जारी ब्लू लाइन बसेां के कहर के ख़िलाफ़ नौजवान भारत सभा और दिशा छात्र संगठन ने एक पर्चा वितरण किया। इस पर्चे में बताया गया था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद दिल्ली सरकार ब्लू लाइन बसों को हटाने का उपक्रम शुरू क्यों नहीं कर रही है। इसका कारण यह है कि अधिकांश ब्लू लाइन बसें भाजपा और कांग्रेस के नेताओं की हैं, साथ ही कई बसें नौकरशाहों और पुलिस अफ़सरों की भी हैं। ये नेता-नौकरशाह एक निश्चित रकम के बदले अपनी बसें ठेकेदारों को ठेके पर चलाने के लिए दे देते हैं, जो फ़िर से अपनी बस एक चालक और एक कण्डक्टर को ठेके पर दे देते हैं। ये चालक और कण्डक्टर फ़िर अपनी बस को मनचाहे तरीके से चलाते हैं और फ़िर दुघटनाएँ होती हैं। इस पर्चे का जनता पर व्यापक प्रभाव पड़ा और इसके बाद ब्लू लाइन बस विरोधी अभियान को आगे बढ़ाने के लिए एक बैठक भी की गयी।